बोडी,
अफ़ी अफुम छै बुनी ..
यखका सुचणा छना ..
कि, उन्दु जौला ......
अर तखुन्दा (प्रवासी ) सुचणा छन
कि उबू जौला .....!
मिन बोली , बोडी...,
तू क्या छै सुचणी ?
बोडिल ब्वाळ ...
ना यख वालों न रुकुनु ?
अर , ना ताल वालो ल आणु
गिचा बाबू .. क्या .... ???????
जू बुल्दन बुल्द जा
जू सुचणा छन , सुचुद जा ..
आणा छा, त आवा
जाणा छा , त जावा
पर सुधी सुधी , मी थै
स्वीणा त, नि दिखावा !
पराशर गौर
१८ मई २०१० रात १०२१ पर
कैनाडा
मि उत्तराखँडी छौ - यू शब्द ही अपणा आप ये ब्लाग क बारा मा बताणा कुण काफी छन। अपणी बोलि/भाषा(गढवाली/कुमाऊँनी) मा आप कुछ लिखण चाणा छवा त चलो दग्ड्या बणीक ये सफर मा साथ निभौला। अपणी संस्कृति क दगड जुडना क वास्ता हम तै अपण भाषा/बोलि से प्यार करनु चैंद। ह्वे जाओ तैयार अब हमर दगड .....अगर आप चाहणा छन त जरुर मितै बतैन अर मि आप तै शामिल करि दयूल ये ब्लाग का लेखक का रुप मा। आप क राय /प्रतिक्रिया/टिप्पणी की भी दरकार च ताकि हम अपणी भासा/बोलि क दगड प्रेम औरो ते भी सिखोला!! - प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
गुरुवार, 3 फ़रवरी 2011
बुधवार, 2 फ़रवरी 2011
भांची
दि उ .....
फुंडू फुका यार ...
कैकी छा छुई लगाणा !
इत्कै गाल गाल अ ईच नौनी
त,
गंगाजिम डाल दया
वीथै भी अर तुम थै भी मुक्ति मिली जाली
क्या समझ्य !?
नि बिंगा ??
खत्यु च खत्यु !
पराशर गौर
मई १४ स्याम ५ १७ पर २०१०
फुंडू फुका यार ...
कैकी छा छुई लगाणा !
इत्कै गाल गाल अ ईच नौनी
त,
गंगाजिम डाल दया
वीथै भी अर तुम थै भी मुक्ति मिली जाली
क्या समझ्य !?
नि बिंगा ??
खत्यु च खत्यु !
पराशर गौर
मई १४ स्याम ५ १७ पर २०१०
बदोबस्त / एक MAZZAK
मिन बोली समधण जी ..
यखी रै जावा ?
समधण बोली ..
रैनू त रै जादू पर ,
तुम्हारा समधी क्या ब्वाल्ला ,जर समझाया !
मिन बोली ..,
वांकी तुम फ़िक्र न कारा
समधी खुणि मी बोली द्युलू
भै , मयारू बदोबस्त ह्वैगी ...
तुम अपणु कैलीया !
पराशर गौर
मी २० मई २०१० दिन्म २. बजी !
यखी रै जावा ?
समधण बोली ..
रैनू त रै जादू पर ,
तुम्हारा समधी क्या ब्वाल्ला ,जर समझाया !
मिन बोली ..,
वांकी तुम फ़िक्र न कारा
समधी खुणि मी बोली द्युलू
भै , मयारू बदोबस्त ह्वैगी ...
तुम अपणु कैलीया !
पराशर गौर
मी २० मई २०१० दिन्म २. बजी !
बादी
एकल मी थै पूछी...
साब आप आसा बादी छा
या निराशाबादी ....!
मिन बोली ...
कैकी आशा, अर कैकी निराशाबादी
कनु सवाल छे तू कनु ?
अरे , भुला, मित ....,
"बादिल " ( गैस ) छो मुनु
साब आप आसा बादी छा
या निराशाबादी ....!
मिन बोली ...
कैकी आशा, अर कैकी निराशाबादी
कनु सवाल छे तू कनु ?
अरे , भुला, मित ....,
"बादिल " ( गैस ) छो मुनु
द ब्वाला !
( चुनाऊ जितने के बाद )
द ब्वाला !
कांग्रेश बोनी च ... कोच स्यु ?
बीजेपी बोनी च .. कोच भाई यु ?
यूकेडी.. बोनी च .. कोच उ ?
मिन बोली . मी, नि पच्याण छा
मी मतदाता छो , मतदाता
तुम स्ब्यु थै क्या ह्वेगे ?
वो तिन्युं बोली .. वो अछा अच्हा..
ह्या यु , ५ सालम .....,
बहुत कुछ बदिलिगे !
पराशर गौर मई २१ /10
द ब्वाला !
कांग्रेश बोनी च ... कोच स्यु ?
बीजेपी बोनी च .. कोच भाई यु ?
यूकेडी.. बोनी च .. कोच उ ?
मिन बोली . मी, नि पच्याण छा
मी मतदाता छो , मतदाता
तुम स्ब्यु थै क्या ह्वेगे ?
वो तिन्युं बोली .. वो अछा अच्हा..
ह्या यु , ५ सालम .....,
बहुत कुछ बदिलिगे !
पराशर गौर मई २१ /10
सदस्यता लें
संदेश (Atom)