( चुनाऊ जितने के बाद )
द ब्वाला !
कांग्रेश बोनी च ... कोच स्यु ?
बीजेपी बोनी च .. कोच भाई यु ?
यूकेडी.. बोनी च .. कोच उ ?
मिन बोली . मी, नि पच्याण छा
मी मतदाता छो , मतदाता
तुम स्ब्यु थै क्या ह्वेगे ?
वो तिन्युं बोली .. वो अछा अच्हा..
ह्या यु , ५ सालम .....,
बहुत कुछ बदिलिगे !
पराशर गौर मई २१ /10
मि उत्तराखँडी छौ - यू शब्द ही अपणा आप ये ब्लाग क बारा मा बताणा कुण काफी छन। अपणी बोलि/भाषा(गढवाली/कुमाऊँनी) मा आप कुछ लिखण चाणा छवा त चलो दग्ड्या बणीक ये सफर मा साथ निभौला। अपणी संस्कृति क दगड जुडना क वास्ता हम तै अपण भाषा/बोलि से प्यार करनु चैंद। ह्वे जाओ तैयार अब हमर दगड .....अगर आप चाहणा छन त जरुर मितै बतैन अर मि आप तै शामिल करि दयूल ये ब्लाग का लेखक का रुप मा। आप क राय /प्रतिक्रिया/टिप्पणी की भी दरकार च ताकि हम अपणी भासा/बोलि क दगड प्रेम औरो ते भी सिखोला!! - प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
बुधवार, 2 फ़रवरी 2011
द्याखोदी !
जजमानन पण्डाजी से बोली ..
पंडाजी , जर ई जल्म्पत्री मिल्या क्य ?
पंडाजील पत्री देखी , बोली ..
नौनी की कुंडलिम दूसरा स्थानम कांग्रेस
चौथम बी जे पी …….
अर सप्तमम काम्निस्ट बैट्या छंन !
एक हैका थै देख देखी
अपणी अपणी चाल चलना छन !
जजमान इका भाग्य थै दिखणा छन
आरजेडी अर समाज्बादी ,
ब्यो का बाद उन त , सब ठीक ठाक छ
पर डैर याकि चा ….
नाती नतणों हवाला नक्सलवादी !
पंडाजी , जर ई जल्म्पत्री मिल्या क्य ?
पंडाजील पत्री देखी , बोली ..
नौनी की कुंडलिम दूसरा स्थानम कांग्रेस
चौथम बी जे पी …….
अर सप्तमम काम्निस्ट बैट्या छंन !
एक हैका थै देख देखी
अपणी अपणी चाल चलना छन !
जजमान इका भाग्य थै दिखणा छन
आरजेडी अर समाज्बादी ,
ब्यो का बाद उन त , सब ठीक ठाक छ
पर डैर याकि चा ….
नाती नतणों हवाला नक्सलवादी !
"कुदरतो कहर "
"कुदरतो कहर "
ये बसगाल
येसु बसगाल
भैर /भित्तर , छन्यूमा
पाणी ही पाणी !
जै देखि ,
डनडयली / वबरी हिलिनी
ग़ोउर- ब छु रु कांपा ...
धुर्पल्युमा थर्पियु दयबता डैरी !
कूडी चुइनी / फटली चुइनि
उणी चुइनी / कुणी चुइनी
धुर्पली चुइनी ......
इन चुइनी की, जों देखि
आंखियु का आंसू भी कम पड़गी !
पराशर गौर
सितम्बर २२ . २०१० सुबह १०. ३० बजे
ये बसगाल
येसु बसगाल
भैर /भित्तर , छन्यूमा
पाणी ही पाणी !
जै देखि ,
डनडयली / वबरी हिलिनी
ग़ोउर- ब छु रु कांपा ...
धुर्पल्युमा थर्पियु दयबता डैरी !
कूडी चुइनी / फटली चुइनि
उणी चुइनी / कुणी चुइनी
धुर्पली चुइनी ......
इन चुइनी की, जों देखि
आंखियु का आंसू भी कम पड़गी !
पराशर गौर
सितम्बर २२ . २०१० सुबह १०. ३० बजे
द ब्वाला , पतै नि !
द ब्वाला पतै नि !
रुडियु कु घाम
सौंण/भादौ की बस्गाल
पूस /मौ की ठंड
चैत /बैसाखे मौलार
दीदा ....उत ..,
म्यार गौमै ही रैगी !
यखत, न पाणी
न ठंड, न बरखा , न घाम
यखत बस काम ही काम !
यखत,
रात दिनों पते ही नि
कबरी रूडी गे , कबरी सौण
कबगे -पूस /मौ
गे कबरी चैत /बैसाख प्तै नि !
यखत पता च बस ,
कब दींण क्वाटरो किराया
राशन पाणिकु बिल
यु बिल ,वो बिल अर स्यु बिल
कब बितिगे इनमा उम्र पतै नि !
पराशर गौर
दिनाक २९ जनबरी २०११ समय १.४६ दिन्म
रुडियु कु घाम
सौंण/भादौ की बस्गाल
पूस /मौ की ठंड
चैत /बैसाखे मौलार
दीदा ....उत ..,
म्यार गौमै ही रैगी !
यखत, न पाणी
न ठंड, न बरखा , न घाम
यखत बस काम ही काम !
यखत,
रात दिनों पते ही नि
कबरी रूडी गे , कबरी सौण
कबगे -पूस /मौ
गे कबरी चैत /बैसाख प्तै नि !
यखत पता च बस ,
कब दींण क्वाटरो किराया
राशन पाणिकु बिल
यु बिल ,वो बिल अर स्यु बिल
कब बितिगे इनमा उम्र पतै नि !
पराशर गौर
दिनाक २९ जनबरी २०११ समय १.४६ दिन्म
अज्यु भी
कर्ज गाड़ गाडी
पुंगडी बेच - बेची
पोर वीं घडयाला धनी
कति, खाडु-बुगट्या मनी
फिर भी जन्या तनी !
मिन बोली ..,
कुछ फैदा हुण भी चकि, सुधि इनी
वा बोली ....
कुछ ना ..., अज्यु भी उनी , जन्या तनी !
मिन सवाल कै..
अग्वाडीकु कवी कार्यक्रम , या ह्वेगी
वो बोली ..
भैजी, बस छाया अर छादु पूजन रैगी !
मिन बोली -पूजा पूजा
तू त की हवेली ठीक पर हाँ
पूज्यरियुंकि पो- बहार , अर मजा एगी !
पराशर गौर
दिनाक २९ जनबरी २०११ समय १०.३४ पर
पुंगडी बेच - बेची
पोर वीं घडयाला धनी
कति, खाडु-बुगट्या मनी
फिर भी जन्या तनी !
मिन बोली ..,
कुछ फैदा हुण भी चकि, सुधि इनी
वा बोली ....
कुछ ना ..., अज्यु भी उनी , जन्या तनी !
मिन सवाल कै..
अग्वाडीकु कवी कार्यक्रम , या ह्वेगी
वो बोली ..
भैजी, बस छाया अर छादु पूजन रैगी !
मिन बोली -पूजा पूजा
तू त की हवेली ठीक पर हाँ
पूज्यरियुंकि पो- बहार , अर मजा एगी !
पराशर गौर
दिनाक २९ जनबरी २०११ समय १०.३४ पर
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