मि उत्तराखँडी छौ - यू शब्द ही अपणा आप ये ब्लाग क बारा मा बताणा कुण काफी छन। अपणी बोलि/भाषा(गढवाली/कुमाऊँनी) मा आप कुछ लिखण चाणा छवा त चलो दग्ड्या बणीक ये सफर मा साथ निभौला। अपणी संस्कृति क दगड जुडना क वास्ता हम तै अपण भाषा/बोलि से प्यार करनु चैंद। ह्वे जाओ तैयार अब हमर दगड .....अगर आप चाहणा छन त जरुर मितै बतैन अर मि आप तै शामिल करि दयूल ये ब्लाग का लेखक का रुप मा। आप क राय /प्रतिक्रिया/टिप्पणी की भी दरकार च ताकि हम अपणी भासा/बोलि क दगड प्रेम औरो ते भी सिखोला!! - प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
शनिवार, 23 अक्टूबर 2010
जै देवभूमी उत्तराखन्ड
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010
ललीता छो छ्म (गढवाली एलबम)
घास काटी ललीता, भैसू घस्यान्दी,. घास काटी ललीता छो छ्म
घास काटी ललीता छो छ्म (कोरस)
डोल भोरी ललीता दुध पिजादी, दुध कतै ना छो छ्म
दुध कतै ना छो छ्म !! (कोरस)
रात उठी ललीता रतब्याणी कू, रात उठी ललीता छो छ्म
रात उठी ललीता छो छ्म (कोरस)
पाणी भोरि गागर लेन्दी य ललीता, पाणी कतै ना छो छ्म
पाणी कतै ना छो छ्म (कोरस)
छान्छ छोली ललीता ब्यखुनी बगत, छान्छ छोली ललीता छो छम
छान्छ छोली ललीता छो छम (कोरस)
नौणी भोरि परोठी लौन्दी य ललीता, घ्यू कतै ना छो छ्म
घ्यू कतै ना छो छ्म (कोरस)
कोदू पिसी ललीता चुन की रोटी, कोदू पिसी जन्दरू छो छ्म
कोदू पिसी जन्दरू छो छ्म (कोरस)
कोदु की रोटी. बाडी बणौ ललीता, चुनू कतै ना छो छ्म
चुन कतै ना छो छ्म (कोरस)
दाल बोयी ललीता भदाडोक बीच, दाल बोय़ी ललीता छो छ्म
दाल बोय़ी ललीता छो छ्म (कोरस)
दाल भात आज खैलै दे ललीता, दाल कतै ना छो छ्म
दाल कतै ना छो छ्म (कोरस)
पुन्गडियो मा साग पात य ललीता, पुन्गडियो मा साग छो छ्म
पुन्गडियो मा साग छो छ्म (कोरस)
बिथू कु साग मरसू बणै दे, साग कतै ना छो छ्म
साग कतै ना छो छ्म (कोरस)
घास काटी ललीता, भैसू घस्यान्दी,. घास काटी ललीता छो छ्म
घास काटी ललीता छो छ्म (कोरस)
डोल भोरी ललीता दुध पिजादी, दुध कतै ना छो छ्म
दुध कतै ना छो छ्म !! (कोरस)
एलबम - ललीता छो छम्म, स्वर - मीना राणा जी, गीत - विनोद जेठुडी
Copyright © 2010 Vinod Jethuri www.vinodjethuri.blogspot.com
(अपनी बोलि अर अपणी भाषा क दग्डी प्रेम करल्या त अपणी संस्कृति क दगड जुडना मा आसानी होली)
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