शुक्रवार, 18 मार्च 2011

छुरोली [होली] पर एक रैबार



छुरोली [होली] पर एक रैबार

होली का रंग मा रंगयु च हर एक उत्तराखंडी
गढ़वाल कुमाऊँ बटि अई च कलयो की कंडी

छुरोली मा रंगमत हुयूं च बणे कअपरी टोली
ढ़ोल दमौ का दगड़ी नाचि क मनाणा छन होली

होली का हुलयार अयां छन करो स्वागत हे उत्तराखंडी
लगावा प्रेम क रंगू की पिठेई अर भिटें ल्यावा वुं दगड़ी

याद कारा पित्रों तें, आश्रीवाद अपर दिबतों कु तुम ल्यावा
बेरंग स्वार्थ ते छोड़ी द्यावा, हम का रंग मा तुम रंगी जावा

आज उत्तराखंडी तुम एक होई जावा, मन को मुटाव तुछोड़ी द्यावा
हर रंग ते आज मिल द्यावा, उत्तराखंड मा एक नै सुबेर लेई आवा 

प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल 


(अपनी बोलि अर अपणी भाषा क दग्डी प्रेम करल्या त अपणी संस्कृति क दगड जुडना मा आसानी होली)

1 टिप्पणी:

  1. ये बहुते भाल प्रयास छु मिके बहुते खुसी भे भौते बड़ी काम कर रु तुमुन बधाई छु मुलाकात होती रौल

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