बुधवार, 2 फ़रवरी 2011

बादी

एकल मी थै पूछी...
साब आप आसा बादी छा
या निराशाबादी ....!
मिन बोली ...
कैकी आशा, अर कैकी निराशाबादी
कनु सवाल छे तू कनु ?
अरे , भुला, मित ....,
"बादिल " ( गैस ) छो मुनु

1 टिप्पणी:

  1. मिन बोली समधण जी ..
    यखी रै जावा ?
    समधण बोली ..
    रैनू त रै जादू पर ,
    तुम्हारा समधी क्या ब्वाल्ला ,जर समझाया !
    मिन बोली ..,
    वांकी तुम फ़िक्र न कारा
    समधी खुणि मी बोली द्युलू
    भै , मयारू बदोबस्त ह्वैगी ...
    तुम अपणु कैलीया !

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